टोल-फ्री नंबर होता क्या है? और यह काम कैसे करता है और इसको कैसे बनवाया जाता है

टोल-फ्री नंबर मोबाईल के नंबर के अंकों से अधिक होता है यह लगभग 11 से 16 अंको तक आता है, टोल-फ्री नंबर एक फोन नंबर होता है जिसमें तीन अंको का एक कोड होता है। एक निश्चित फोन से एसे नंबर पर कॉल करने पर कॉल करने वाले से कोई शुल्क नही ली जाती है। इस तरह की संख्या पर कॉलर को लंडी दूरी की कॉल ले लिए भुगतान किए बिना व्यवसायों और व्यक्तियों को कॉल करने की अनुमति देती है। टोल-फ्री नंबर ग्राहक सेवा कॉलिंग के लिए विशेष रूप से सामान्य है टोल-फ्री सेवा ने परंपरागत रूप से संभावित ग्राहकों और अन्य लोगो को व्यवसायों से संपर्क करने के लिए स्वतंत और सुबिधा जनक तरीका प्रदान किया है। जैसे वायरलेस कॉलर्स, हालांकि टोल-फ्री कॉल के दौरान उपयोग किये जाने वाले एयरटाइम मिनट के लिए शुल्क लिया जाता है। जब तक कि उनके पास 'अशिमित कॉलिंग' योजना न हो। ग्राहक टोल-फ्री नंबरो पर टेक्स्ट मैसेज भी भेज सकते है, जब तक वे नंबर 'टेक्स्ट इनेबल्ड' और उसमें कोई भी जबाब टेक्स्ट करके भेज सकते है। 
टोल-फ्री नंबर का कोड-
टोल-फ्री नंबर की वे संख्याये है जो निम्नलिखित तीन अंको के कोड में से एक से शुरू होती है जैसे- 800, 888, 877, 866, 855, 844 या 833 तक होती है। हालांकि ये सभी कोड भी टोल-फ्री नंबर का कोड है लेकिन 1-888 तक भी टोल-फ्री नंबर का कोड होता है। जैसे- 1800, प्रत्येक टोल-फ्री नंबर पर कॉल को एक विशेष स्थानीय टेलीफोन पर भेज जाता है।
टोल-फ्री नंबर कैसे प्राप्त करे-
भारत मे टोल-फ्री नंबर को प्राप्त करने के लिए आपको 1800-123-3733 या 955-444-3322 पर कॉल करना पड़ेगा, और इनके टोल-फ्री नंबर विशेषज्ञ आप को मिनटो में या एक से दो दिन में टोल फ्री नंबर प्राप्त कराएंगे। 
टोल-फ्री नंबर खरीदने के लिए आप को पूर्ण KYC दस्तावेजों यानी कि आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और आधार सत्यापन की आवश्यकता होगी। और क्यो की यह एक उत्तम सेवा है, इसलिए आपको अपनी कम्पनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, MOA, AOA और बोर्ड रिजॉल्यूशन की भी आवश्यकता होगी।