कैसे हुआ बल्ब का अविष्कार-

बल्ब एक ऐसा उपकरण है जो हमे रोशनी देता है,जिसको हम बिजली से जलाते है लेकिन क्या आप को पता है कि बल्ब के अंदर जो रोशनी देता है वो किस धातु का होता है
और उसे क्या कहते है। तो बल्ब के अंदर जो लगा होता है उसे फिलामेंट कहते है जो कि टंगस्टन धातु का होता है। बल्ब के पहले दिए और मोमबत्ती जलाये जाते थे फिर बल्ब का अविष्कार हुआ तब पूरी दुनिया मे एक अलग ही रोशनी सी छा गई। बल्ब का प्रयोग हम अपने घरों में उजाला के लिए करते है अगर कही पर काम कर रहे हो और वहाँ पर अंधेरा हो तो हम बल्ब जलाकर रोशनी कर सकते है। लेकिन आज के इस युग में बहुत सारे रंग-बिरंगे बल्बों का अविष्कार हो गया है तो आइए जानते है इसका अविष्कार सबसे पहले कब हुआ था।
Bulb

बल्ब का अविष्कार कब हुआ-

बल्ब का अविष्कार अमेरिका (US) में सन् 1879 में हुआ था।
बल्ब का अविष्कार किसने किया था-
बल्ब का अविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था, थामस एडिसन का जन्म लगभग 11 फरवरी सन् 1847 में अमेरिका के ओहायो राज्य में हुआ था। इनके पिता का नाम सैमुअल ओगडन एडिसन (samuel ogden edison) था, थॉमस एडिसन के नाम लगभग 1000 पेटेंट है जो इनकी मेहनत को दिखता है। थॉमस एडिसन एक गरीब परिवार में रहने वाले व्यक्ति थे लेकिन इस महान वैज्ञानिक ने अपना हौसला नही खोया और आर्थिक तंगी के कारण स्कूल से निकलने के बाद भी अपनी पढ़ाई और वैज्ञानिक प्रयोग करते रहे। एडिसन समय को पैसा और मेहनत को सफलता कहते थे। लेकिन बिजली के बल्ब की खोज इनकी सबसे बड़ी खोज मानी जाती है एडिसन जब बिजली के बल्ब की खोज कर रहे थे तब ये 10 हजार बार फेल हुवे थे लेकिन इन्होंने तब भी अपनी हार नहीं मानी लेकिन अंत में बल्ब की खोज करके पूरी दुनिया को रौशन कर दिया।
फिर बाद में इनसे जब पूछा गया कि बल्ब का अविष्कार करते समय आप 10 हजार बार असफल हुए तब क्या आप निराश नही हुवे तब थॉमस एडिसन ने कहा कि मैंने 10 हजार ऐसे खोज किये जो काम नहीं करते, एडिसन जब 10 साल के थे तभी उन्होंने अपनी पहली प्रयोगशाला बना ली थी। और उनकी माँ ने उन्हें एक ऐसी पुस्तक दी थी जिसमे कई सारे रासायनिक प्रयोग दिए हुए थे जिससे ये पुस्तक एडिसन को अच्छी लगी। और उन्होंने अपने सारे पैसे इसपर खर्च करने खोज कर डाली, थॉमस एडिसन एक बार कुछ रसायन लेकर ट्रेन की यात्रा कर रहे थे तभी रसायन के डब्बे उनके हाथ से छूट गए और डिब्बे में आग लग गई तभी ट्रेन के कंडक्टर ने उन्हें जोर से चाटा मारा और उनकी सुनने की शक्ति कम हो गई पर अपनी इस समस्या को उन्होंने वरदान माना की इससे काम करने में एकाग्रता बानी रहती है। एडिसन को जब पैसे की जरूरत थी तब उन्होंने ने रेलवे स्टेशन पर अखबार और सब्जियां बेचना शुरू कर दिया और 15 वर्ष की आयु में एक सेकेंड हैंड प्रिटिंग मशीन भी खरीद लिया और उसपर कार्य करने लगे। एडिसन जब काम करने लगते थे तब वे भोजन करना भी भूल जाते थे और चार-चार दिन तक बिना शोवे कार्य करते रहते थे। एडिसन ने बहुत सारे उपकरणों का अविष्कार किये इनमे से एक फिल्मी  कैमरा भी था जो एक सेकेंड में 25 फोटो खींच सकता था। फिर इन्होंने सन् 1879 में बल्ब का अविष्कार किया, इनसे पहले बल्ब की खोज कई सारे वैज्ञानिक किये थे लेकिन वे कामयाब नहीं हुवे। थॉमस एडिसन को लोग पागल भी कहते थे लेकिन वे इनकी बातो पर ध्यान नहीं दिए और अपने कार्य मे लगे रहे, थॉमस एडिसन 1000 से भी अधिक खोज किये थे इसलिए इनको जीनियस वैज्ञानिक भी कहा जाता है।
बल्ब से जुड़े रोचक तथ्य-
  • क्या आप को पता है की बल्ब को सबसे पहले कहा पर जलाया गया था, बल्ब को सबसे पहले वैज्ञानिको के पार्टी में जलाया गया था।
  • बल्ब की खोज से पहले बिजली की खोज हो गई थी।
  • बल्ब फिलामेंट टंगस्टन धातु का होता है।
  • बल्ब में लगने वाला काच बहुत पतला होता है।
  • बल्ब की खोज कई वैज्ञानिको ने की थी लेकिन वे असफल रहे।
  • थॉमस एडिसन जब बल्ब के अविष्कार के बारे में कुछ वैज्ञानिको को बता रहे थे तब वे उनपर हस रहे थे तभी एडिसन ने उन्हें बल्ब को जलाकर दिखाया तो वे हैरान रह गए।