कैमरे का अविष्कार कब हुआ और किसने किया-

कैमरा एक ऐसा उपकरण है जो किसी भी वस्तु का तस्वीर (फोटो) दिखा सकता है, कैमरे की सहायता से आप चलचित्र (वीडियो) बना सकते हैं और अपने एक-एक पल को उसमे कैद कर सकते है। बहुत समय पहले कैमरा बहुत बड़ा आता था लेकिन आज के इस युग में ये इतना छोटा हो गया है कि आप के आँखों से भी नहीं दिखाई देगा। बहुत समय पहले का कैमरा ब्लैक एंड व्हाइट आता था लेकिन बाद में यह रंगीन आने लगा। पहले के कैमरा में खिंची गयी तस्वीर काफी धुंधली आती थी लेकिन अब के कैमरे में खिंची गई तस्वीर काफी साफ दिखाई देती है। कैमरा ही एक ऐसा उपकरण है जिसकी सहायता से आप आपनी तस्वीर को किसी कागज के पन्ने पर देख सकते है।

Camera

कैमरा का अविष्कार कब हुआ-

कैमरे का अविष्कार सन् 1685 में लगभग (600साल ईसापूर्व) हुआ था।

कैमरे का अविष्कार किसने किया था-

कैमरा का अविष्कार किसने किया ये तो बताना मुश्किल होगा लेकिन कैमरे का डिजाइन जोहान ज़हन (johann zahn) ने 1685 में ही कर दिया था, और कैमरे से पहली तस्वीर जोसेफ निकफोर निपसे (Joseph Nicephore Niepce) ने सन् 1814 में खिंचा था। लेकिन कैमरे के बारे मे हजारों साल पहले एक इराकी वैज्ञानिक इब्न-अल-हैथम (ibn-al-haytham) ने सन् 1021 में अपनी किताब में कैमरे के बारे में बताया था। तो इससे यह पता चलता है कि कैमरे का अविष्कार निष्चित नहीं है। पहले का कैमरा चित्रो को सहेजने में असमर्थ थे और इनका आकर भी बहुत बड़ा था, फिर सन् 1829 में लुईस डेंकेरे द्वारा पहला व्याहारिक कैमरे का अविष्कार किया गया लेकिन उन्हें इसकी बिधि का निर्माण करने में लगभग 10 वर्ष लग गए, जिसको इनके नाम के रूप में डेकेर्रप्टोटाइप का नाम दिया गया, और कैमरे में जो लेंस लगता है वो उत्तल दर्पण का लेंस होता है।

कैमरा कितने प्रकार के होते है-

    • कैमरा लगभग 10 प्रकार के होते है।
    • दर्पण रहित कैमरा (Mirrorless camera)
    • डीएसएलआर कैमरा (DSLR camera)
    • पुल कैमरा (Bridge camera)
    • कॉम्पैक्ट डिजिटल कैमरा (Compact digital camera)
    • फिल्म कैमरा (Film camera)
    • एक्शन कैमरा (Action camera)
    • 360° कैमरा (360° camera)
    • स्मार्टफोन कैमरा (Smrtphone camera)
    • तत्काल कैमरा (Instant camera)
    • मध्यम प्रारुप कैमरा (Medium format camera)

दर्पण रहित कैमरा (Mirrorless camera)-

मिररलेस कैमरा, जैसा कि आप सभी को इसके नाम से ही पता चल गया होगा कि इसमे लेंस नही है, जब आप दृस्यदर्शी के माध्यम से देखते है तो इसमे एक छोटी इलेक्ट्रानिक स्क्रीन होती है और वो यह प्रदर्शित करता है कि आप अपने लेंस को किस ओर इशारा कर रहे है। और हाल ही के वर्षो में मिररलेस कैमरा ने अपनी लोकप्रियता हाशिल की है, इसलिए कि लोग उन्हें प्यार करते है क्योंकि वे काम गुणवत्ता वाले और कई DSLR कैमरों की तुलना मे छोटे और हल्के होते है। मिररलेस कैमरा में एक छोटी बैटरी होती है, जिसमे हो सकता है कि यह आपके पूरा दिन न चल पाये इसलिए आप को मिररलेस कैमरा खरीदने के साथ आप को एक उसकी बैटरी भी खरीदनी पड़ सकती है।

डीएसएलआर कैमरा (DSLR camera)-

DSLR कैमरा का अर्थ है "(Digital Single Lens Reflex Camera)" यदि आप अपनी फोटो को अधिक लोचन स्तर पर ले जाना चाहते है तो आप DSLR कैमरा खरीदने के लिए सोच सकते है या उसपर विचार कर सकते है। और यह डिजिटल युग का अधिक लोकप्रिय कैमरा है, और इससे आप अधिक सुन्दर-सुन्दर फ़ोटो सूट कर सकते है। और DSLR की कीमत और इसकी क़्वालिटी दोनों अधिक होती है, DSLR कैमरा हाई क़्वालिटी के दिखने वाले चित्र या फोटो बनाते है। और इसमें लगभग चार प्रकार के लेंस लगते है जैसे कि, मैक्रो लेंस (macro lens), झुकाव शिफ्ट लेंस (tilt-shift lens), लेंसबाई लेंस (lensbaby lens), फिश आई लेंस (fish eye lens) |

पुल कैमरा (Bridge camera)-

ब्रिज कैमरा अन्य कैमरों की तरह यह डिजिटल कैमरा है, इन कैमरों में आमतौर पर शटर स्पीड, अपर्चर, ISO, संवेदनशीलता, रंग सन्तुलन और पैमाइस पर पूर्ण मैन्युअल नियंत्रण की सुविधा होती है। और कई पुल कैमरों मे लंबे जूम लेंस भी होते है, जो अब अक्शर 20 या 22 मिमी के बराबर फोकल लंबाई के एक सुपर वाइड-एंगल फोकश लंबाई पर शुरू होते है, इसलिए "मेगा कैमरा" के साथ कभी-कभी ब्रिज कैमरा शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि कुछ ब्रिज कैमरों में केवल मध्यम या छोटा जूम होता है। जबकि कई कॉम्पैक्ट कैमरों में सुपरजुम लेंस होता है लेकिन ब्रिज कैमरा के उन्नत कार्यो की कमी होती है।

कॉम्पैक्ट डिजिटल कैमरा (Compact digital camera)-

कॉम्पैक्ट कैमरा काफी छोटा होता है और इसका उपयोग करना या इसे चलना बहुत ही आसान होता है, इस प्रकार के कैमरा को "प्वॉइंट एंड शूट" कैमरा कहा जाता है इसलिए कि वे फोटो लेने में बहुत तेज और आसान होते है।और इसका सबकुछ ऑटोमैटिक होता है,यदि आप अपने फोन से कुछ अपग्रेड चाहते है और आप एक बड़ा कैमरा भी रखना नही चाहते है तो आप के लिए यह कैमरा अच्छा पड़ेगा। और एक बड़ा फायदा यह है कि कॉम्पैक्ट कैमरा में जूम लेंस भी होता है इसलिए ऑप्टिकल जूम लेंस होने से आपको अपने फोन से अधिक लचीलापन और सुबिधा मिलती है।

फिल्म कैमरा (Film camera)-

फ़िल्म कैमरा एक प्रकार का फिटोग्राफिक कैमरा होता है, जो इमेज सेंसर या फ़िल्म पर फ़ोटो का तेजी से क्रम लेता है। और एक स्थिर कैमरे के विपरित, जो एक बार मे एक सिंगल स्नैपशॉट कैप्चर करता है। फ़िल्म कैमरा छवियों की एक श्रृंखाल लेता है जो प्रत्येक छवि एक फ्रेम की गठन करती है,फिर फ्रेम को बाद में एक विशेष गति से मूवी प्रोजेक्टर मे वापस खेला जाता है जिसको फ्रेम दर कहा जाता है। और अधिकांश फ़िल्म कैमरा उसी तरह से काम करते है जैसे कि एक DSLR कैमरा काम करते है, रेंज फाइंडर फ़िल्म के कैमरे मिररलेस कैमरों की तरह होते है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक व्यूफाइंडर या स्क्रीन के सभी प्रकाश को नियंत्रित करने के लिए एक लेंस और एक सटर होता है  जो आप के द्वारा लोड की गई फ़िल्म ISO को निर्धारित करती है। फ़िल्म कैमरा का अविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था जो एक सेकेंड में 25 फ़ोटो खिंचता था।

एक्शन कैमरा (Action Camera)-

एक्सन कैमरा बाहर के लिए बिल्कुल सही होता है, और वे कठिन से कठिन मौसम की स्थिति का सामना कर सकते है और वे वाटरप्रूफ, शॉकप्रूफ, हल्के और अत्यधिक टिकाऊ होते है। और इस प्रकार के एक्सन कैमरा में 4K वीडियो स्क्रीन और अधिक FPS भी इसमें होते है। सही एक्सन कैमरा लेना इस बात पर निर्भर करता है की आप इसको किस कार्य के लिए खरीद रहे है। एक्सन कैमरा एक डिजिटल कैमरा है जो पानी में डूबे रहने के साथ रिकार्डिंग एक्सन के लिए बनाया गया है एक्सन कैमरा आमतौर पर कॉम्पैक्ट और बीहड़ होते है और सतह स्तर पर जलरोधी होते है और वे आमतौर पर CMOS इमेज सेंसर का प्रयोग करते है। ये फट मोड़ और टाइम स्लेप में फ़ोटो ले सकते है और साथ ही रिकार्डिंग हाई डेफिनेशन वीडियो 120 या 240 FPS पर स्लो-मोसन वीडियो रिकार्डिंग भी कर सकते है। और एक्सन कैमरा में Gopro Hero camera काफी ज्यादा लोकप्रिय होते है।

360° कैमरा (360° camera)-

360° कैमरा बहुत ज्यादा लोकप्रिय होता है और अच्छे कारण के लिए ये भव्य यथार्थवादी दिखाने वाली मनोरम तस्वीरे बनाता है जो आउटडोर फोटोग्राफर के लिए एकदम सही होती है। और इनमे से कई एक्सन कैमरे की तरह होती है जो कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होती है और मौसम प्रतिरोधी होती है। यह फिटोग्राफि में एक सर्वदिशात्मक है जिसे 360° कैमरा के नाम से भी जाना जाता है यह एक ऐसा कैमरा है जिसमे दृश्य क्षेत्र होता है जो क्षैतिज क्षेत्र में लगभग पूरे क्षेत्र या कम से कम एक पूरे चक्कर को कवर करता है। यह कैमरा उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है जहाँ बड़े-बड़े दृश्य और ज्यादा कवरेज की आवश्यकता होती है।

स्मार्टफोन कैमरा (Smrtphone camera)-

स्मार्टफोन का कैमरा हर किसी के लिए, हर जगह कैमरे का सबसे अच्छा विकल्प है इसका मुख्य कारण यह है कि ये उपयोग करने में बहुत आसान है और ये हमेशा हमारे साथ रहता है। और मोबाइल फोन कैमरे से हम कही पर भी, किसी समय पर आसानी से कोई भी फ़ोटो खीच सकते है इसे एक जगह से दूसरी जगह को ले जाना बहुत ही आसान होता है इसको आप अपनी जेब में भी ले जा सकते है और इसको कोई भी आम आदमी चला सकता है। पहला व्यावसायिक स्मार्टफोन कैमरा मई 1999 में जापान में लागू किया गया था।

तत्काल कैमरा (Instant camera)-

तत्काल कैमरा एक प्रकार का कैमरा है जो फ़ोटो लेने के कुछ समय बाद आप की फ़ोटो को एक पेपर पर उतार कर दिखा सकता है, यह रासायनिक रूप से विकसित प्रिंट बनाने के लिए स्व विकासशील फ़िल्म का उपयोग करता है और वे फोटोग्राफी शैलियों की एक विस्तृत स्पेक्ट्रम को कवर करते है। इंस्टेंट कैमरा विंटेज एनालॉग और डिजिटल फिटोग्राफि के हाई ब्रीड की तरह है, इसको आप पैसा कमाने के लिए भी खरीद सकते है।

मध्यम प्रारुप कैमरा (Medium format camera)-

मध्यम प्रारूप कैमरा एक अलग प्रकार का कैमरा है, अब इसे 120 मिमी फ़िल्म के समान सेंसर आकर के साथ डिजिटल मध्यम प्रारूप के साथ बदल दिया गया है। मध्यम प्रारूप कैमरा डिजिटल फोटोग्राफी में उन कैमरों को संदर्भित करता है जो मध्यम प्रारूप की फ़िल्म फोटोग्राफी के उपयोग से अनुकूलित होते हैं या फिर 35 मिमी फ़िल्म फ्रेम से बड़े सेंसर का उपयोग करने वाले कैमरों के लिए किया जाता है। मध्यम प्रारूप वाले कैमरों को डिजिटल कैमरा बैक के साथ बदला जा सकता है, लेकिन इनमें से कुछ डिजिटल बैक कैमरा विशेष रूप से सुरुआति मॉडल 35 मिमी फ़िल्म फ्रेम से छोटे सेंसर का उपयोग करता है इसलिय मध्यम प्रारूप कैमरों को इसके साथ नही बदला जा सकता है। और इसका अविष्कार सन् 1975 में इंस्टमैन कोडेक ने किया था।

कैमरा से ली गई पहली तस्वीर-

Camera first photo

दुनिया की पहली तस्वीर 1826 में ली गई थी और इसको जोसेफ निस्फोर निप्से ने खिंचा था, और ये फोटो एक छत की खिंची गई थी।